योगाभ्यास के लिए सामान्य दिशानिर्देश (प्रारंभिक साधकों हेतु)
योगाभ्यास को सुरक्षित, प्रभावी, निरापद और लाभकारी बनाने के लिए अनुशासन, सजगता और सही विधि का ज्ञान अनिवार्य है। नये साधक को अभ्यास प्रारंभ करने से पूर्व निम्नलिखित दिशानिर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। इनका पालन योगाभ्यास के लिए एक स्थिर, संतुलित और दृढ़ आधारभूमि प्रदान करता है।
- अभ्यास का समय
यद्यपि योग का अभ्यास दिन में किसी भी उपयुक्त समय पर किया जा सकता है, परंतु भोजन के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए। प्रातःकाल (सूर्योदय से पूर्व या उसके आसपास) तथा सायंकाल (सूर्यास्त के समय) अभ्यास के लिए अधिक उपयुक्त माने जाते हैं। - खाली पेट अभ्यास
अभ्यास सदैव खाली पेट करना चाहिए। पूर्ण भोजन के बाद कम से कम 3–4 घंटे तथा अल्पाहार के बाद 1–2 घंटे का अंतर अवश्य रखें। आवश्यकता होने पर अभ्यास से पूर्व हल्का जल या जूस आदि तरल पदार्थ लिया जा सकता है। - शौच एवं शरीर की तैयारी
अभ्यास से पहले मलत्याग व मूत्राशय को खाली कर लेना उचित रहता है। नियमित समय पर शौच की आदत बनाने से अभ्यास में सहजता बनी रहती है। - स्थान का चयन
अभ्यास के लिए स्वच्छ, शांत और हवादार स्थान चुनें। धूल, धुआं, तेज हवा या शोर-शराबे वाले वातावरण में अभ्यास न करें। स्थान व्यवधान रहित होना चाहिए। - अभ्यास का आसन (मैट)
अभ्यास समतल भूमि पर, दरी, चटाई या कंबल बिछाकर करें। बहुत नरम या असमतल स्थान पर अभ्यास करने से संतुलन प्रभावित हो सकता है। - वस्त्र
ढीले, हल्के और आरामदायक वस्त्र पहनें ताकि शरीर की गति में कोई बाधा न आए। अभ्यास से पूर्व घड़ी, चश्मा या अन्य आभूषण उतार दें। - अभ्यास का क्रम
संतुलित अभ्यास के लिए सामान्य क्रम इस प्रकार रखें:
आसन → प्राणायाम → विश्राम → ध्यान
आवश्यकतानुसार विपरीत आसनों (counter poses) का भी अभ्यास करें। - श्वास-प्रश्वास
श्वास सामान्यतः नाक से ही लें और छोड़ें। अनावश्यक रूप से श्वास को न रोकें। अभ्यास के साथ श्वास का समन्वय बनाए रखें। - प्रयास और सीमा
अभ्यास करते समय शरीर पर अनावश्यक बल या दबाव न डालें। आसनों को झटके या तेजी से न करें, बल्कि धीरे-धीरे और नियंत्रित गति में करें। अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें। यदि दर्द, चक्कर या असुविधा हो तो तुरंत रुककर विश्राम करें। - विश्राम (Relaxation)
अभ्यास के बीच या अंत में विश्राम अवश्य करें। विशेषकर थकान होने पर शवासन करना लाभकारी होता है। अभ्यास समाप्ति के बाद कम से कम 10–15 मिनट विश्राम करें। - अभ्यास के बाद आहार
अभ्यास के लगभग 30 मिनट बाद हल्का जलपान (जैसे पानी, जूस, नारियल पानी, दूध) लिया जा सकता है। पूर्ण भोजन कम से कम 45 मिनट बाद करें। अभ्यास के दौरान प्यास लगे तो थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं। - स्नान
अभ्यास से पहले स्नान किया जा सकता है। अभ्यास के बाद तुरंत स्नान नहीं करना चाहिए। कुछ समय रुककर शरीर को सामान्य अवस्था में आने दें, फिर स्नान करें। - सजगता और एकाग्रता
अभ्यास के दौरान शरीर, श्वास और आंतरिक अनुभूति पर ध्यान रखें। अभ्यास के दौरान आंखें अनावश्यक रूप से इधर-उधर न घुमाएं। आवश्यकता अनुसार आंखें बंद रखकर आंतरिक अनुभव पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। यांत्रिक ढंग से अभ्यास करने के बजाय सजगता के साथ अभ्यास करें। - स्वास्थ्य संबंधी सावधानी
यदि किसी प्रकार की बीमारी या दीर्घकालिक समस्या हो, तो अभ्यास प्रारंभ करने से पूर्व प्रशिक्षक को अवश्य सूचित करें।
चल रही चिकित्सा या दवाओं में बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई परिवर्तन न करें। - विशेष अवस्थाएं
- मासिक धर्म के दौरान कुछ विशेष आसनों (विशेषकर उल्टे आसन) से बचें
- गर्भावस्था में केवल प्रशिक्षित मार्गदर्शन में ही अभ्यास करें
- उच्च रक्तचाप, चक्कर, या अन्य स्थितियों में कुछ आसनों से परहेज आवश्यक हो सकता है
- वातावरण एवं शारीरिक अवस्था
अत्यधिक थकान, तेज धूप या शरीर के अत्यधिक गरम होने की स्थिति में तुरंत अभ्यास न करें। शरीर सामान्य और संतुलित अवस्था में होना चाहिए। - शिक्षक या गुरु का महत्व
त्रुटियों एवं उनके संभावित दुष्परिणामों से बचने के लिए योगाभ्यास का प्रारंभ किसी अनुभवी शिक्षक के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।
केवल टीवी, इंटरनेट या पुस्तकों के आधार पर अभ्यास करने से प्रतिकूल परिणाम की आशंका बनी रहती है। - नियमितता और अनुशासन
योगाभ्यास में नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है। अभ्यास को धीरे-धीरे बढ़ाएं। प्रारंभ में सरल अभ्यासों से शुरू करें और क्रमशः प्रगति करें। अनियमित या अत्यधिक अभ्यास की अपेक्षा संतुलित और निरंतर अभ्यास अधिक लाभकारी होता है।
प्रत्येक अभ्यास के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में आने दें, तत्पश्चात अगला अभ्यास करें।
योग एक क्रमिक प्रक्रिया है — धैर्य, सजगता और निरंतरता इसके मुख्य आधार हैं।
आचार्य बी. एस. ‘योगी’
योग विशेषज्ञ एवं वेलनेस कोच
संस्थापक व मुख्य प्रशिक्षक, योग भारती वेलनेस
